बिहार खबरें

हिंदी हिंदुस्तान की भाषा है। राष्ट्रभाषा किसी भी देश की पहचान और गौरव होती है। हिंदी हिंदुस्तान (World Hindi Day) को बांधती है। इसके प्रति अपना प्रेम और सम्मान प्रकट करना हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है। हर साल (Hindi diwas date) 14 सितंबर को देशभर (Hindi day) में हिंदी दिवस (Hindi Diwas) बड़े उत्साह और सम्मान के साथ मनाया जाता है। यह दिन भारतियों के लिए बेहद खास होता है। जिसका सम्मान करना देशवासियों का कर्तव्य हैं। माना कि भाषा भावनाओं (Hindi Diwas 2021) को व्यक्त करने का एक मात्र साधन हैं लेकिन इस साधन में वो बल हैं जो दुनियाँ को बदल सकता हैं।विभिन्नताओं के बीच एक भाषा ही है, जो एकता का आधार बनती हैं और हम सभी को इस एकता के साधन का सम्मान करना चाहिये। हिंदी हमारी मातृभाषा (Hindi Diwas In Hindi) हैं। जिसे सम्मान देना हमारा कर्तव्य हैं।

Hindi Diwas

भारत में हिंदी दिवस (Hindi Day) हिंदी का विकास करने के लिए बहुत बड़े पैमाने पर मनाया जाता है। भारत एक ऐसा देश है, जहाँ पर बहुत अधिक संस्कृतियाँ पायी जाती हैं। इन सांस्कृतिक भिन्नता की वजह से कई तरह की भाषाएँ भी सम्मिलित होती है। चूँकि इतनी भाषाओँ के होने की वजह से यहाँ के औपचारिक कार्यों में यह तय कर पाना कठिन हो जाता है कि किस भाषा में सभी औपचारिक कार्य किये जाएँ।

Hindi Diwas

हिंदी दिवस का मुख्य मकसद हिंदी को अंतरराष्ट्रीय भाषा (Hindi Diwas Importance) का दर्जा दिलाना और प्रचार प्रसार करना है। साथ ही हिंदी को जन-जन तक पहुंचाना है। वर्तमान समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी विश्व पटल पर हिंदी भाषा में भाषण देते हैं। इससे पहले दिवगंत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण दिया था। इ वजह से हिंदी को एक मुख्य भाषा के रूप में स्थापित करने की कोशिश की गयी है।। यहाँ पर हिंदी और हिंदी दिवस से सम्बंधित सभी जानकारी दी जा रहा है।

हिंदी का महत्व (Hindi Importance)

Hindi Diwas

हमारे देश में हिंदी का बहुत अधिक है। भारत में हिंदी दरअसल एक तरह से एकता का प्रतीक (Hindi Diwas Information In Hindi) है। अंग्रेजों से स्वतंत्रता की लड़ाई के समय भी लोगों को एकजुट होने में हिंदी ने अपना बहुत बड़ा योगदान निभाया था। इस समय पूरे भारत में हिंदी बोली जाती थी। महात्मा गाँधी ने भी हिंदी के प्रसार प्रचार पर जोर देने की बात कही थी। भारत की स्वतंत्रता के बाद इस भाषा के विकास के लिए कई विद्वानों ने कार्य किया।

हिंदी दिवस का इतिहास (History of Hindi Diwas In Hindi)

Hindi Diwas

भारत देश कई विधाओं का मिश्रण हैं। उनमे कई भाषाएं बोली जाती है। इन सभी भाषाओँ में हिंदी को देश की मातृभाषा का दर्जा दिया गया। आज यह दुनिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में से एक हैं। इसे सम्मान देने के लिए प्रति वर्ष 14 सितम्बर को हिंदी दिवस (Hindi Diwas In Hindi) और राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता हैं। 14 सितम्बर 1949 को आजादी के बाद हिंदी को देश की मातृभाषा का गौरव प्राप्त हुआ। उसी की याद में 1953 में निर्णय लिया गया, जिसके फलस्वरूप  प्रति वर्ष 14 सितम्बर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। कश्मीर से कन्याकुमारी तक, साक्षर से निरक्षर तक प्रत्येक वर्ग का व्यक्ति हिंदी भाषा (Hindi Diwas Poem) को आसानी से बोल-समझ लेता है। यही इस भाषा की पहचान भी है कि इसे बोलने और समझने में किसी को कोई परेशानी नहीं होती।

भारत में हिंदी दिवस कब मनाया जाता है (Bharat mein Hindi diwas kab manaya jata hai)

Hindi Diwas

हिंदी दिवस और विश्व हिंदी दिवस (International Hindi diwas)दो अलग-अलग तारीख को मनाया जाता है। विश्व हिंदी दिवस 10 जनवरी को मनाया जाता है। वहीं, हिंदी दिवस (Hindi Diwas Date) 14 सितंबर को मनायाजाता है। हिंदी के महान साहित्यकार व्यौहार राजेन्द्र सिंह ने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए कड़ी मेहनत की। उनके संघर्ष और मेहनत की वजह से हिंदी राष्ट्रभाषा बन सकी। व्यौहार राजेन्द्र सिंह का जन्म 14 सितंबर, 1900 को मध्यप्रदेश के जबलपुर में हुआ था।

आगे पढ़ें: गांव में शुरु करें ये 20 बिजनेस, होगा लाखों का मुनाफा | Village Business Ideas in Hindi

सविंधान सभा ने उनके अथक प्रयास पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए 14 सितंबर, 1949 को सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि हिंदी ही देश की राष्ट्रभाषा होगी। इस दिन व्यौहार राजेन्द्र सिंह का 50 वां जन्मदिन भी था।  हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने में काका कालेलकर, मैथिलीशरण गुप्त, हजारीप्रसाद द्विवेदी, सेठ गोविन्ददास की भी अहम भूमिका रही है।

हिंदी दिवस 14 सितंबर को क्यों मनाया जाता है (Hindi Diwas Date)

  • भारत के संविधान में 14 सितम्बर 1949 को हिंदी को देवनागरी लिपि के साथ भारतीय गणतंत्र का औपचारिक माना गया था।
  • 26 जनवरी 1950 के दौरान भारत में संविधान पारित हुआ।
  • और फिर हिंदी को औप्चारिक भाषा के रूप में स्थापित किया गया। इ
  • बात का जिक्र भारतीय संविधान के आर्टिकल 343 में किया गया है।
  • आज भी केंद्र सरकार के अधीन हिंदी और इंग्लिश दो ही औप्चारिक भाषाएँ हैं।

हिंदी दिवस कैसे मनाया जाता है? (National Hindi Day)

इस दिन दुनियाभर में भारत के दूतावासों में विश्व हिंदी दिवस (National Hindi Day) मनाया जाता है। जहां, हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित (Hindi Diwas Speech) किए जाते हैं। साथ ही कई स्कूल, कॉलेज में उत्साह से  हिंदी दिवस मनाया जाता है। कई लोग हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति के महत्व के बारे में बात करने के लिए आगे आते हैं। स्कूल मे हिंदी दिवस (Hindi Diwas Essay In Hindi)  पर कविता और कहानी (Hindi Poem On Hindi Diwas) कहने वाली प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मेजबानी करते हैं।

हिंदी दिवस शायरी (Hindi Diwas shayri)

संस्कृत की एक लाड़ली बेटी है ये हिन्दी
बहनों को साथ लेकर चलती है ये हिन्दी
सुंदर है, मनोरम है, मीठी है, सरल है
ओजस्विनी है और अनूठी है ये हिन्दी
भारत के गाव की शान हिंदी
हिन्दुस्तान की शक्ति हिंदी
मेरे हिन्द की जान हिंदी
हर दिन नया वाहन हिंदी।
हिन्दी मेरा इमान है हिन्दी मेरी पहचान है
हिन्दी हूँ मैं वतन भी मेरा प्यारा हिन्दुस्तान है।
हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
हिंदी दिवस पर हमने ठाना है,
लोगों में हिंदी का स्वाभिमान जगाना है,
हम सब का अभिमान है हिंदी,
भारत देश की शान है हिंदी।
हिंदी है मातृभाषा सभी इसे जरूर अपनाएँ,
अपने बच्चों को हिंदी पढ़ना जरूर सिखाएँ।
हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।

हिंदी दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है? (international hindi day)

इसका मुख्य उद्देश्य वर्ष में एक दिन इस बात से लोगों को रूबरू कराना है कि जब तक वे हिन्दी का उपयोग पूरी तरह से नहीं करेंगे तब तक हिन्दी भाषा (Essay On Hindi Diwas) का विकास नहीं हो सकता है। इस एक दिन सभी सरकारी कार्यालयों में अंग्रेजी के स्थान पर हिन्दी का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा जो वर्ष भर हिन्दी में अच्छे विकास कार्य करता है और अपने कार्य में हिन्दी का अच्छी तरह से उपयोग करता है, उसे पुरस्कार द्वारा सम्मानित किया जाता।

आगे पढ़ें: कोविड वैक्सीन सर्टिफिकेट में गलती को कैसे सुधारे | How to Correct Covid Vaccine Certificate in Hindi

कई लोग अपने सामान्य बोलचाल में भी अंग्रेज़ी भाषा के शब्दों का या अंग्रेजी का उपयोग करते हैं, जिससे धीरे धीरे हिन्दी के अस्तित्व को खतरा पहुँच रहा है। जिस तरह से टेलीविजन से लेकर विद्यालयों तक और सोशल मीडिया से लेकर निजी तकनीकी संस्थानों एवं निजी दफ्तरों तक में अंग्रेजी का दबदबा कायम है । उससे लगता है कि अपनी मातृभाषा हिन्दी धीरे–धीरे कम और फिर दशकों बाद विलुप्त ना हो जाये।

By Biharkhabre Team

मेरा नाम शाईना है। मैं बिहार के भागलपुर कि रहने बाली हूं। मैंने भागलपुर से MBA की पढ़ाई कंप्लीट की हूं। मैं Reliance में कुछ समय काम करने के बाद मैंने अपना खुद का एक ब्लॉग बनाया। जिसका नाम बिहार खबरें हैं, और इस पर मैंने देश-दुनिया से जुड़े अलग-अलग विषय में लिखना शुरू किया। मैं प्रतिदिन देश दुनिया से जुड़े अलग-अलग जानकारी अपने Blog पर Publish करती हूं। मुझे देश दुनिया के बारे में नई नई जानकारी लिखना पसंद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.