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Machhar khoon kyu Peete hain : मच्छर को एक हानिकारक कीट (Mosquito bite) माना जाता है, जो इंसान या अन्य जीव-जंतुओं का खून चूसकर जिंदा (Mosquito bite dengue) रहते हैं। ऐसा माना जाता है कि सिर्फ मादा मच्छर ही खून चूसती है, नर मच्छर नहीं। अक्सर आपने देखा होगा कि मच्छर आपका खून चूसते हैं और फिर वो वहां से उड़कर भाग जाते हैं, लेकिन क्या कभी इस बारे में सोचा है कि मच्छर इंसानों का खून क्यों पीते हैं (Machhar khoon kyu Peete hain ) उन्हें आखिर ये आदत पड़ी कैसे? पहले वैज्ञानिक भी इस सवालों के जवाब नहीं जानते थे, लेकिन अब उन्होंने इसका जवाब ढूंढ लिया है, जो बेहद ही हैरान करने वाला है। आपको जानकर हैरानी होगी कि पहले मच्छर खून नहीं पीते थे। उनके अंदर एक वजह से धीरे-धीरे यह बदलाव आया है।
Machhar khoon kyu Peete hain
पहले तो आपको ये बता दें कि दुनियाभर में मच्छरों की कई प्रजातियां हैं। उन्ही में से एक हैं अफ्रीका के एडीस एजिप्टी मच्छर। इस मच्छर की भी कई प्रजातियां हैं। इनकी वजह से ही जीका वायरस फैलता है। यही मच्छर डेंगू और पीला बुखार (Mosquito bite allergy) के भी कारण होते हैं।

इस वजह से मच्छर पीते हैं खून (Machhar khoon kyu Peete hain)

New Scientist वेबसाइट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अफ्रीका के मच्छरों में एडीस एजिप्टी मच्छर की कई प्रजातियां हैं और ये सभी प्रजातियां इंसानों का खून नहीं चूसती। इनमें से कुछ मच्छरों की प्रजातियां ऐसी थीं जो अन्य चीजें खा-पीकर अपना गुजारा करती हैं। प्रिंसटन यूनिवर्सिटी की रिसर्चर नोआह रोज बताती हैं कि किसी ने अभी तक मच्छरों की विभिन्न प्रजातियों के खान-पान को लेकर स्टडी नहीं की। हमने अफ्रीका के सब-सहारन रीजन की 27 जगहों से एडीस एजिप्टी मच्छर के अंडे लिए। फिर इनमें से मच्छरों को निकलने दिया। इसके बाद इन मच्छरों को इंसान, अन्य जीव, गिनी पिग जैसे पर लैब में बंद डिब्बों में छोड़ दिया। ताकि उनके द्वारा खून चूसने के पैटर्न को समझा जाए। इस अध्ययन में पाया गया कि डीस एजिप्टी मच्छरों की अलग-अलग प्रजातियों के मच्छरों का खान-पान बिल्कुल अलग निकला।

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हजारों साल बाद बदली मच्छरों की ये आदत

नोआह ने कहा कि ये थ्योरी गलत साबित हुई कि सभी मच्छर खून पीते हैं। दरअसल जिस इलाके में सूखा या गर्मी ज्यादा पड़ती है और पानी की कमी होती है, वहां पर मच्छरों को प्रजनन के लिए नमी की जरूरत होती है। ऐसे में मच्छर पानी की कमी को पूरा करने के लिए इंसानों या जानवरों का खून चूसना शुरू कर देते हैं। मच्छरों में ये बदलाव हजारों साल बाद आया है।

वही, एनोफिलीस यानि मलेरिया करने वाले मच्छरों (Mosquito bite disease) को कोई दिक्कत नहीं होती है। जहां इंसान पानी जमा करके रखते हैं, वहीं ये अपना प्रजनन कूलर, गमले, क्यारी या नाली जैसी जगहों पर कर लेते हैं, लेकिन जैसे ही पानी की कमी महसूस होती है, ये फौरन इंसानों या अन्य जीवों पर खून पीने के लिए हमला कर देते हैं।

By Biharkhabre Team

मेरा नाम शाईना है। मैं बिहार के भागलपुर कि रहने बाली हूं। मैंने भागलपुर से MBA की पढ़ाई कंप्लीट की हूं। मैं Reliance में कुछ समय काम करने के बाद मैंने अपना खुद का एक ब्लॉग बनाया। जिसका नाम बिहार खबरें हैं, और इस पर मैंने देश-दुनिया से जुड़े अलग-अलग विषय में लिखना शुरू किया। मैं प्रतिदिन देश दुनिया से जुड़े अलग-अलग जानकारी अपने Blog पर Publish करती हूं। मुझे देश दुनिया के बारे में नई नई जानकारी लिखना पसंद है।

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