बिहार खबरें

नई दिल्ली: आप सभी इस बात से पूरी तरह सहमत होंगे कि आधुनिक जीवनशैली में लोगों पर दबाव और तनाव दोनों बढ़ा है। इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर सीधे तौर पर पड़ता है। इसलिए यह जरूरी है कि समय पर एक अच्छी हेल्थ पॉलिसी खरीदी जाए। मौजूदा समय में स्वस्थ खर्च काफी बढ़ गया है। नई बीमारियों और उनका महंगा इलाज किसी को भी आर्थिक संकट की ओर धकेल सकता है। ऐसे आकस्मिक खर्च से बचने के लिए ही Health Insurance Investment  की जरूरत है। आमतौर पर वेतनभोगी कर्मचारियों को ऑफिस की ओर से मेडिक्लेम प्राप्त होता है। लेकिन रिटायरमेंट के बाद स्वास्थ्य बीमा जरूर करवा लेना चाहिए। सिर्फ हेल्थ इंश्योरेंस खरीदना ही सब कुछ नहीं होता। इसे लेने के लिए पॉलिसी के बारे में पूरी जानकारी हो।

Health Insurance Investment

इस Policy में क्या क्या कवर होंगे ध्यान रखें

हर बीमा कंपनी के अपने नियम होते हैं। उसी हिसाब से वे पॉलिसी बनाती है। हेल्थ पॉलिसी खरीदने से पहले यह समझ ले कि उसमें कितना और क्या आर्थिक कवर मिलेगा। जिस पॉलिसी में ज्यादा से ज्यादा चीजें जैसे टेस्ट का खर्च और एंबुलेंस का खर्च कवर हो। उस पॉलिसी को लेना चाहिए ताकि आपकी जेब से पैसे खर्च ना करने पड़े।

Health Insurance के वेटिंग पीरियड की जानकारी

किसी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को खरीदने के बाद ऐसा जरूरी नहीं है कि हर बीमारी के लिए आपको पहले दिन से कवरेज मिलने लगे। ऐसी में आपको क्लेम करने के लिए एक खास अवधि के लिए वेटिंग पीरियड सर्व करना होता है। अलग-अलग पॉलिसी एवं बीमारियों के अलग-अलग वेटिंग पीरियड हो सकते हैं। उदाहरण के लिए आप ने आज कोई मेडिकल पॉलिसी खरीदी तो हो सकता है आपको पहले दिन से कोविड-19 का कवर ना मिले। लेकिन आप को एक्सीडेंट के लिए यह कवर पहले दिन से मिल सकता है। इसे ही वेटिंग पीरियड कहते हैं।

प्री-एक्जिस्टिंग डिजीज

आमतौर पर अगर आप कोई पॉलिसी दिसंबर 2020 में खरीदते हैं। तो 2018 के दिसंबर महीने से अब तक  आपको हुई। किसी भी बीमारी जख्म को प्री एक्जिस्टिंग डिजीज की श्रेणी में रखा जाता है। हालांकि ऐसा नहीं है कि इंश्योरेंस कंपनी के प्री एक्जिस्टिंग डिजीज को कवर नहीं करती है। लेकिन अमूमन इसके लिए एक वेटिंग पीरियड रखती है। अलग-अलग बीमारियों के लिए यह वेटिंग पीरियड अलग-अलग होता है। अगर आप पहले दिन से अपने एक्जिस्टिंग डिजीज को कवर कराना चाहते हैं तो आपको समान से ज्यादा प्रीमियम का भुगतान करना पड़ सकता है।

को पेमेंट भुगतान

को पेमेंट बिल भुगतान होता है, जिसे खुद पॉलिसी धारक को बीमित सेवाओं के लिए करना होता है। को पेमेंट की राशि पहले से तय होती है। ग्राहक को वह बीमा योजना चुन्नी चाहिए। जिसमें उसे कम-से-कम को पेमेंट देना पड़े। हालांकि को पेमेंट की शर्त को हटाने का विकल्प भी ग्राहक चुन सकते हैं। लेकिन इसके लिए उन्हें अतिरिक्त प्रीमियम देना होगा।

लिमिट वाला प्लान ना ले

अस्पताल में प्राइवेट रूम में किराए जैसी लिमिट से बचे। आपके लिए यह जरूरी नहीं है कि इलाज के दौरान आपको किस कमरे में रखा जाए। खर्च के लिए कंपनी द्वारा लिमिट या सब लिमिट तय करना आपके लिए ठीक नहीं है। पॉलिसी लेते समय इस बात का ध्यान रखें।

Health Insurance ग्रेस पीरियड

अगर आपकी कोई हेल्थ पॉलिसी एक 31 दिसंबर को एक्सपायर हो रही है और आप उस पॉलिसी को समय पर रिन्यू नहीं करा पाते हैं तो आपको एक ग्रेस पीरियड मिलता है। इस अवधि के दौरान भुगतान करने पर आपको पॉलिसी में पूर्व से चल रहे लाभ मिलते रहते हैं। इनमें वेटिंग पीरियड और प्री एक्जिस्टिंग डिजीज से जुड़े लाभ शामिल होते हैं। हालांकि भुगतान कंप्लेन के मुताबिक ग्रेस पीरियड भी अलग-अलग होता है।https://www.biharkhabre.com/सृजन-घोटाला/

ऑटोमेटिक रिचार्ज

ऐसी Health Insurance में Investment करना जरूरी है। जिसमें इनबिल्ट रिस्टोर ऑप्शन हो और एक ही वर्ष में 1 से अधिक हॉस्पिटलाइजेशन होने पर आप की बीमा राशि को ऑटोमेटिक रूप से रिचार्ज किया जा सके। खासतौर पर फैमिली फ्लोटर प्लान के मामले में यह एक महत्वपूर्ण विशेषता है।

Health Insurance Investment में अस्पताल के नेटवर्क

किसी भी Health Insurance में Investment करने से पहले सुनिश्चित करें कि आप योजना के तहत आने वाले नेटवर्क अस्पतालों पर विचार किया है। नेटवर्क अस्पताल का एक समूह है जो आपको अपनी वर्तमान हेल्थ प्लान को भुनाने की अनुमति देता है। हमेशा उसी प्लान के लिए जाएं जो आपके क्षेत्र में अधिकतम नेटवर्क अस्पताल प्रदान करता है।

गंभीर बीमारी की कवर लिस्ट

कई बीमा कंपनियों की पॉलिसी में कुछ गंभीर बीमारियों पर क्लेम की राशि अपेक्षाकृत कम होती है। ग्राहक को बीमा लेने से पहले ही इसकी जानकारी ले लेनी चाहिए। ग्राहकों को गंभीर बीमारी की कवर लिस्ट सहित सभी दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए। ताकि बाद में क्लेम खारिज होने की हालत ना बने।

कोरोना के लिए अलग से चुने प्लान

सभी जनरल और स्टैंड लोन हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां कोरोना कवच इंश्योरेंस पॉलिसी को लॉन्च किया है। इसे कोरोना काल में लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें कोरोना संक्रमित पाए जाने पर अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद और घर में देखभाल सहित इलाज से जुड़े अन्य खर्चे कवर होंगे।

By Biharkhabre Team

मेरा नाम शाईना है। मैं बिहार के भागलपुर कि रहने बाली हूं। मैंने भागलपुर से MBA की पढ़ाई कंप्लीट की हूं। मैं Reliance में कुछ समय काम करने के बाद मैंने अपना खुद का एक ब्लॉग बनाया। जिसका नाम बिहार खबरें हैं, और इस पर मैंने देश-दुनिया से जुड़े अलग-अलग विषय में लिखना शुरू किया। मैं प्रतिदिन देश दुनिया से जुड़े अलग-अलग जानकारी अपने Blog पर Publish करती हूं। मुझे देश दुनिया के बारे में नई नई जानकारी लिखना पसंद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *