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बिहार कोरोना संक्रमण की वजह से अपनी जान गवाने वाले डॉक्टरों के परिजनों को मिली 50 लाख की सहायता राशि आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष (निर्वाचित) डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह ने कहा कि कोरोना की भेंट चढ़े डॉक्टरों के परिवारों को सरकार की ओर से सहायता राशि दिलाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। आईएमए की ओर से दिवंगत डॉक्टरों के परिजनों को 50 लाख की सहायता राशि देने की मांग रखी गयी है। कई सांसदों ने आईएमए की आवाज को पुरजोर ढंग से संसद में उठाने का आश्वासन दिया है।

बिहार कोरोना संक्रमण की वजह से अपनी जान गवाने वाले डॉक्टरों के परिजनों को मिली 50 लाख की सहायता राशि

वे रविवार को आईएमए की जिला शाखा की ओर से दरभंगा मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित कोरोना शहीद संवेदना सभा में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा रोकने के लिए केंद्र सरकार को कड़ा कानून बनाना चाहिए। डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा रोकने के लिए कानून तो बनाया गया है, लेकिन उसे प्रभावी ढंग से लागू नहीं किये जाने से चिकित्सक रोजाना भीड़ तंत्र के शिकार हो रहे है। आईएमए के लिए यह चिंता की बात है। डॉ. सिंह ने कहा कि कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट की जद में लाये जाने से डॉक्टरों को परेशानी उठानी पड़ रही है। डॉक्टरों को एक्ट से बाहर लाने के लिए भी आईएमए की ओर से जोरदार ढंग से आवाज उठाई जाएगी।

निजी चिकित्सक भी अनुदान के हकदार

आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने कहा कि बिहार में कोरोना की भेंट चढ़े 158 डॉक्टरों को न्याय दिलाना आईएमए का सबसे पहला कर्तव्य है। एपिडेमिक एक्ट लागू होने के बाद सरकार ने निजी क्लीनिक को हर हाल में खोले रखने का स्पष्ट निर्देश दिया था। कोरोना की भेंट चढ़े सरकारी डॉक्टरों के साथ ही निजी अस्पताल के चिकित्सक भी सरकारी अनुदान के हकदार हैं।

बिहार कोरोना संक्रमण की वजह से अपनी जान गवाने वाले डॉक्टरों के परिजनों को मिली 50 लाख की सहायता राशि

जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता है, तब तक आईएमए अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा। आईएमए के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रमण कुमार वर्मा ने कहा कि दिवंगत डॉक्टरों के परिजनों को मदद नहीं पहुंचा सरकार वादाखिलाफी कर रही है। उन्होंने दिवंगत डॉक्टरों को शहीद का दर्जा देने की मांग करते हुए उनके परिवार को 50 लाख सहायता राशि देने की मांग की।

बिहार कोरोना संक्रमण की वजह से अपनी जान गवाने वाले डॉक्टरों के परिजनों को मिली 50 लाख की सहायता राशि

अध्यक्षता करते हुए आईएमए के जिलाध्यक्ष डॉ. बीबी शाही ने संगठन को और ज्यादा मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संगठित रहने से ही सरकार उनकी बात सुनेगी। संगठित नहीं होने से सरकार व भीड़ तंत्र डॉक्टरों पर हावी रहेगी। डॉ. शाही ने कहा कि डॉक्टरों के खिलाफ रोजाना हिंसा की घटनाएं हो रही हैं। कार्यक्रम को आईएमए के पदाधिकारी डॉ. (कप्तान) विजय शंकर सिंह, दरभंगा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. कृपानाथ मिश्रा, आईएमए के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. आरएन झा, जिला सचिव डॉ. इंतेखाब आलम ने भी संबोधित किया।

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लानामि विवि के पूर्व कुलपति डॉ. एसपी सिंह व सभा के आयोजन सचिव डॉ. हरि दामोदर सिंह भी मंचासीन थे। मौके पर कोरोना की भेंट चढ़े चिकित्सक डॉ. राजीव कुमार के परिजनों को जिला आईएमए की ओर से सहायता राशि के रूप में 10 लाख रुपये का चेक भेंट किया गया।

By Biharkhabre Team

मेरा नाम शाईना है। मैं बिहार के भागलपुर कि रहने बाली हूं। मैंने भागलपुर से MBA की पढ़ाई कंप्लीट की हूं। मैं Reliance में कुछ समय काम करने के बाद मैंने अपना खुद का एक ब्लॉग बनाया। जिसका नाम बिहार खबरें हैं, और इस पर मैंने देश-दुनिया से जुड़े अलग-अलग विषय में लिखना शुरू किया। मैं प्रतिदिन देश दुनिया से जुड़े अलग-अलग जानकारी अपने Blog पर Publish करती हूं। मुझे देश दुनिया के बारे में नई नई जानकारी लिखना पसंद है।

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