बिहार खबरें

बिहार: मोतिहारी से सटे सिरसा गांव में अज्ञात बिहार में रहस्यमई बीमारी से एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। महज तीन दिनों के भीतर एक के बाद एक पूरे परिवार की मौत हो गई। पहले तो तीन की मौत को स्वाभाविक मौत मान परिजनों ने दाह संस्कार कर दिया। परंतु आज फिर दो बच्चों की मौत होने के बाद वे भड़क उठे। इसके विरोध में मोतिहारी मधुबनी घाट पथ को सिरसा गांव के पास आधा घंटा तक जाम कर दिया।

बिहार में रहस्यमई बीमारी से एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत

डीएम शीर्षत कपिल अशोक के निर्देश के बाद सिविल सर्जन ने एंबुलेंस भेजकर शवों को सदर अस्पताल मंगवाया। उसके बाद सड़क जाम समाप्त हुआ। मेडिकल बोर्ड ने कहा कि बेसरा की एफएसएल जांच के बाद बीमारी का पता चलेगा। वैसे परिवार के सदस्यों का कहना है कि पेट में दर्द की शिकायत के बाद गला जाम हो रहा था। इसके बाद कुछ देर तक इशारे में बात करते थे। निजी अस्पताल ले जाने के दौरान मौत हो गई।

बिहार में रहस्यमई बीमारी से एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत

रविंद्र प्रसाद (32), प्रियांशु कुमार (10), मुनी कुमारी (14), सत्यम उर्फ कालू (4) व अंशु कुमारी (13) की मौत हो गयी है। रवींद्र व प्रियांशु बाप-बेटे थे। दोनों की मौत एक ही दिन के अंदर कुछ घंटे के अंतराल पर हो गयी। मुन्नी कुमारी व सत्यम भाई बहन हैं। वहीं अंशु कुमारी रवींद्र के खास भाई मुकेश प्रसाद की साली थी। अंशु बचपन से ही अपने बहन के घर रह रही थी क्योंकि मुकेश प्रसाद को कोई संतान नहीं थी। घर के बड़े बुजुर्ग अभिाभावक परशुराम प्रसाद कुशवाहा हैं। परिवार अभी साथ में ही रहता है।

बिहार में रहस्यमई बीमारी से एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत

सबसे पहले बंजरिया बथना के अंशु कुमारी की मौत 26 अगस्त को हुई जो अपने बहन के घर सिरसा कॉलोनी में रहती थी। उसके बाद एक सितम्बर को रवीन्द्र प्रसाद व उसके इकलौते पुत्र प्रियांशु कुमार की मौत हो गयी। शुक्रवार को मुन्नी कुमारी व सत्यम उर्फ कालू बीमार पड़ा। उसे सदर अस्पताल लाया गया। वहां से रेफर हुआ। मुजफ्फपुर इलाज के लिए जाने के दौरान रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

दो शवों का हुआ पोस्टमार्टम

मुन्नी कुमारी व सत्यम उर्फ कालू का आज सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया। दोनों की बेसरा की एफएसएल में जांच होगी। पुलिस का कहना है कि सत्यम के नाक व मुंह से खून निकल रहा था। वहीं मुन्नी के मुंह से झाग निकल रहा था। तीन शवों की तो पहले अंत्येष्टि कर दी गयी थी। डॉक्टर ने दावा किया कि जिस घर में यह परिवार रहता था उस घर के पीछे एक विशाल पेड़ था, जो छह महीने पहले टूट कर गिर गया और इसके बाद मौत का सिलसिला शुरू हो गया।

उन्होंने बताया कि परिजन पेड़ के गिरने के बाद भूत प्रेत का प्रकोप मानकर तांत्रिक और गांव के झोला छाप डॉक्टर से इलाज कराते थे। डॉ श्रवण पासवान ने बताया कि जिन दो बच्चों की मौत अभी हुई है उनके नाक-मुंह से झाग निकला था और कान से खून बह रहा था।

आगे पढ़ें: बिहार में सरकारी गेस्ट हाउस की बुकिंग कराने में अब ज्यादा रुपए खर्च करने होंगे, जानिए कितना देना होगा किराया

डॉक्टर ने आशंका जताई की दोनों बच्चों की मौत सांप काटने या फिर जहर खाने से भी हो सकती है। पूरा मामला पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही साफ हो पाएगा। उन्होंने कहा कि महामारी विशेषज्ञों की टीम पूरे मामले की जांच कर मौत के कारणों को सुनिश्चित करेगी।

आगे पढ़ें: E-Shram Card Online Registration 2021 | ई-श्रम कार्ड बनवाकर करोड़ों लोग इस योजनाओं का उठा सकते हैं लाभ, जाने इसके प्रोसेस

मृत प्रियांश के पिता राकेश प्रसाद ने बताया कि पिछले छह महीने में आठ लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं बीते तीन दिनों में परिवार के पांच सदस्यों की मौत हुई है। मौत के स्पष्ट कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

By Biharkhabre Team

मेरा नाम शाईना है। मैं बिहार के भागलपुर कि रहने बाली हूं। मैंने भागलपुर से MBA की पढ़ाई कंप्लीट की हूं। मैं Reliance में कुछ समय काम करने के बाद मैंने अपना खुद का एक ब्लॉग बनाया। जिसका नाम बिहार खबरें हैं, और इस पर मैंने देश-दुनिया से जुड़े अलग-अलग विषय में लिखना शुरू किया। मैं प्रतिदिन देश दुनिया से जुड़े अलग-अलग जानकारी अपने Blog पर Publish करती हूं। मुझे देश दुनिया के बारे में नई नई जानकारी लिखना पसंद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.