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भागलपुर में ततारपुर थाना क्षेत्र के सराय निवासी शाहजमन खान की बेटी कायनात फातमा ने राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग की है। ये सब सुनने में आपको अजीबोगरीब जरूर लगेगा। लेकिन यह सच है। इसकी पूरी सच्चाई जानने के बाद यकीन मानिए। आप को अंदर से झकझोर देगा। तीन छोटी बहनों को पालने वाली फातिमा ने राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई है। आप सोच रहे होंगे कि फातमा की उम्र मौत की दहलीज पर है, या उससे कोई गंभीर बीमारी है। लेकिन ऐसा नहीं है। फातमा के अनुसार वह बीएसएनएल एक्सचेंज के अधिकारियों की मनमानी से उव चुकी है। पिछले 18 सालों से फातमा के निजी निवास पर बीएसएनएल एक्सचेंज का ऑफिस है। 26 सितंबर 2009 को ही एग्रीमेंट की अवधि खत्म हो गई है। लेकिन इसके अधिकारी बिल्डिंग को खाली नहीं कर रहे हैं।

राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु के  सवाल पर कायनात फातिमा ने बताया कि, उनकी निजी आवास पर बीएसएनएल एक्सचेंज ऑफिस है। लेकिन एग्रीमेंट का समय समाप्त होने के 11 साल बाद भी बीएसएनएल उनका मकान खाली नहीं कर रहा है। इस संबंध में कायनात फातमा की मानें तो बीएसएनएल से उनका 7 साल तक का एग्रीमेंट था। यह एग्रीमेंट उनके पिताजी ने प्रत्येक महीने 4850 रुपए किराए के साथ 26 सितंबर 2002 को किया था। जो 26 सितंबर 2009 को समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद फातिमा के मकान से बीएसएनएल का ऑफिस नहीं हटा।

मकान खाली कराने के लिए कायनात के पिता ने भी कई बार अधिकारी को पत्र लिखें

मकान को खाली करने के लिए कायनात के पिता शाहजमन खान ने बीएसएनएल के अधिकारियों को कई बार पत्र लिखा । मकान छोड़ने की अपील की इसके बावजूद मकान को खाली नहीं किया गया। फातमा के मुताबिक इस दौरान उनके पिता को किडनी से संबंधित बीमारी हो गए फिर 4 जनवरी 2016 को उनकी मौत हो गई। पिता के मौत के बाद बीएसएनएल के खिलाफ कानूनी लड़ाई नहीं रुकी। इस लड़ाई में कायनात फातमा की मां मुनव्वर सुल्तान ने मोर्चा संभाला। लेकिन इस लड़ाई में वह भी सफल नहीं हो सकी। कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से उनकी मौत हो गई। इतनी घटनाओ के बाद भी बीएसएनएल के अधिकारी का दिल नहीं पसीजा।

डीएम के आदेश का पालन नहीं किया

कायनात फातमा ने बताया कि भागलपुर के जिलाधिकारी प्रणब कुमार ने भी एक 30 मार्च 2020 तक बीएसएनएल के अधिकारी को एक्सचेंज ऑफिस से यंत्र स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए मौके का आदेश दिया था। लेकिन भला बीएसएनएल के अधिकारी इतनी जल्दी कहां मानने वाले थे। उन्हें करना वही था जो वह करना चाहते थे। आखिर का बीएसएनएल ने कायनात फातिमा का घर खाली नहीं किया। जो गैरकानूनी है। लेकिन बीएसएनएल द्वारा अवैध रूप से कब्जा किए जाने के सवाल पर वह बिफर पड़े और एक ही बात को बार-बार दोहराते रहें। इससे पहले पिछले वर्ष 2019 में भी कहलगांव के एक नाबालिग ने राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग की थी परिवारिक कलह की वजह से राष्ट्रपति को पत्र भेजकर एक समिति का अनुरोध किया था।

By Biharkhabre Team

मेरा नाम शाईना है। मैं बिहार के भागलपुर कि रहने बाली हूं। मैंने भागलपुर से MBA की पढ़ाई कंप्लीट की हूं। मैं Reliance में कुछ समय काम करने के बाद मैंने अपना खुद का एक ब्लॉग बनाया। जिसका नाम बिहार खबरें हैं, और इस पर मैंने देश-दुनिया से जुड़े अलग-अलग विषय में लिखना शुरू किया। मैं प्रतिदिन देश दुनिया से जुड़े अलग-अलग जानकारी अपने Blog पर Publish करती हूं। मुझे देश दुनिया के बारे में नई नई जानकारी लिखना पसंद है।

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