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पटनाः बिहार के अयांश को दुर्लभ बीमारी के कारण माता-पिता ने लोगों से मदद की गुहार लगाई है विधान परिषद के कार्यकारी सभापति ने कहा कि सरकार ने संज्ञान में लिया है। प्रावधान के अनुसार इसके लिए कुछ करने का प्रयास होगा। इस मामले में बीजेपी के परिषद सदस्य संजय प्रकाश ने सरकार के संज्ञान में लाया।

बिहार के अयांश को दुर्लभ बीमारी

उन्होंने कहा कि अयांश मस्क्युलर अट्रोफी से पीड़ित है। इसके इलाज की सूई 16 करोड़ रुपए की है। आमलोगों के साथ जनप्रतिनिधियों ने भी अपने स्तर से व्यवस्था करने का प्रयास किया है। सरकार को भी इस परिवार की मदद करनी चाहिए उसके बाद सभापति ने यह नियमन दिया कि सरकार ने संज्ञान में लिया है। इस बीज लोजपा नेता कृष्णा सिंह कल्लू ने भी अयांश की मदद की मांग प्रधनमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  से की है।

बिहार के अयांश को दुर्लभ बीमारी, सीएम व स्वास्थ्य मंत्री से की मदद की अपील

बिहार के अयांश को दुर्लभ बीमारी

दुर्लभ बीमारी से जंग लड़ रहे दस माह के अयांश सिंह को 16 करोड़ के एक इंजेक्शन की जरूरत है। इतनी बड़ी रकम को लेकर अयांश के परिजन का चैन छिन गया है। 16 करोड़ के इंजेक्शन की व्यवस्था करने को लेकर क्राउडफंडिंग का सहारा लेते हुए लोगों से मदद की अपील की है। सीएम व स्वास्थ्य मंत्री से भी मदद की अपील की है। रूपसपुर थाना क्षेत्र के रूकनपुरा निवासी आलोक सिंह और नेहा सिंह के 10 माह के बेटे अयांश सिंह को दुर्लभ बीमारी है। जिसका नाम है स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी (एसएमए)। इसके इलाज के लिए इंजेक्शन की कीमत 16 करोड़ रुपए है। इस बीमारी में बच्चे के शरीर का अंग धीरे-धीरे काम करना बंद कर देता है। यह बीमारी लाखों में एक बच्चे को होती है।

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चिकित्सकों के अनुसार ये बीमारी एक लाख बच्चे में किसी एक को होता है। मेडिकल एक्सपर्ट की मानें तो इस बीमारी के लक्षण के साथ जन्म लेने वाले बच्चे ज्यादा से ज्यादा दो साल तक ही जिंदा रह पाते हैं। इसका अगर ठीक ढंग से इलाज हो जाए तो बच्चे को एक नया जीवन मिल सकता है। फिलहाल बच्चे का इलाज बेंगलुरु के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज में चल रहा है।

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अयांश की मां नेहा सिंह ने बताया कि जब अयांश दो महीने का था उस समय इस बीमारी के बारे में पता चला। बताया कि अभी बच्चे के गर्दन का एक हिस्सा काम करना बंद कर चुका है। वे अपने बेटे के इलाज के लिए रुपये इकट्ठा करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। पति-पति और परिवार के सदस्य पैसे इकट्ठा करने के लिए क्राउडफंडिंग का सहारा ले रहे हैं।

पैसों को लेकर परेशान हैं माता-पिता

बिहार के अयांश को दुर्लभ बीमारी

बेंगलुरु में एक हॉस्पिटल में टाइपोरोनिया सीपी डिटेक्ट किया गया। डेढ़ माह तक बेंगलुरु में रहकर इलाज कराया, लेकिन इससे भी लाभ नहीं हुआ। इस दौरान 16 लाख से अधिक खर्च हो गया, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। जब हालत बिगड़ने लगी तो बेंगलुरु के एनआईएमएचएएनएस में अयांश का इलाज कराया गया। डॉक्टरों को एसएएम बीमारी की आशंका हुई और जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। अब एसएमए के इलाज के लिए 16 करोड़ रुपये के एक इंजेक्शन की कहां से व्यवस्था की जाए इस सोच से परिजन परेशान हैं।

अयांश की जिंदगी बचाने के लिए आप भी कर सकते हैं मदद

अगर आप अयांश को बचाने में अपना सहयोग देना चाहते हैं तो उनके पिता ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में अयांश सिंह के नाम से खाता खुलवाया है. उसकी जिंदगी बचाने के लिए इस खाते पर मदद कर जो भी राशि चाहें वह भेज सकते हैं. नाम- Aayansh singh, खाता संख्या- 5121176175, IFSC-CBIN0282384, बैंक का नाम- Central Bank of India

By Biharkhabre Team

मेरा नाम शाईना है। मैं बिहार के भागलपुर कि रहने बाली हूं। मैंने भागलपुर से MBA की पढ़ाई कंप्लीट की हूं। मैं Reliance में कुछ समय काम करने के बाद मैंने अपना खुद का एक ब्लॉग बनाया। जिसका नाम बिहार खबरें हैं, और इस पर मैंने देश-दुनिया से जुड़े अलग-अलग विषय में लिखना शुरू किया। मैं प्रतिदिन देश दुनिया से जुड़े अलग-अलग जानकारी अपने Blog पर Publish करती हूं। मुझे देश दुनिया के बारे में नई नई जानकारी लिखना पसंद है।

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