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कोरोना काल और लॉकडाउन में गुरुग्राम से अपने बीमार पिता को साइकिल पर लेकर बिहार स्थित अपने गांव लौटने वाली देश-दुनिया में साइकिल गर्ल के नाम से प्रख्यात हो चुकी ज्योति कुमारी को पीएम राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से नवाजा जाएगा। यही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं से सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए बात कि, उनके कदम की तारीफ की। इस दौरान ज्योति कुमारी का जक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हर बच्चे की प्रतिभा देश का गौरव बढ़ाने वाला है।

साइकिल गर्ल ज्योति कुमारी

साइकिल गर्ल ज्योति कुमारी राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए चयनित

इस बेटी की बात करें तो मिथिलांचल के दरभंगा जिले के मोहन पासवान की बेटी ज्योति बहुत समझदार है। ज्योति कुमारी ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम बढ़ाया। ज्योति इस बार प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2021 से सम्मानित हो होगी। ज्योति को यह सम्मान कोरोना काल में उनके द्वारा किए गए साहसिक कार्य के लिए मिलेगा।

साइकिल गर्ल ज्योति कुमारी

वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए ज्योति हुए शामिल

पीएम मोदी ने कहा कि प्यारे बच्चों इस बातचीत से आप सभी को मिले अवार्ड से ये समझ आता है कि कैसे जब एक छोटी आईडिया जब एक राइट एक्शन के साथ जुड़ता है तो कितने बड़े और प्रभावशाली रिजल्ट आते हैं। आप सब खुद इसका कितना बड़ा उदाहरण है। ज्योति कुमारी समेत राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2021 से सम्मानित बच्चों से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आपके सपने पूरे हो।

जानिए क्यों सुर्खियों में है ज्योति

गौरतलब है कि कोरोना काल में ज्योति हरियाणा के गुरुग्राम से जख्मी पिता को लेकर 16 अप्रैल को दरभंगा स्थित अपने गांव पहुंची थी। इस दौरान उसने बिना किसी की मदद लिए 1200 किलोमीटर की यात्रा की थी। बेटी की पितृ भक्ति और श्रद्धा की कायल पूरी दुनिया हुई थी। पीएम मोदी ने भी इस बेटी की भरपूर तारीफ की थी। ऐसे में जब ज्योति के प्रधानमंत्री के साथ वार्तासाप की सूचना मिलने के बाद बिहार समेत पूरे देश का ध्यान ज्योति पर गया।26 जनवरी यानि गणतंत्र दिवस से पहले सभी की जुबान पर ज्योति की बहादुरी और हौसले की तारीफ हो रही है। https://www.biharkhabre.com/लालू-यादव-की-तबीयत-बिगड़ी/

ज्योति ने बताया कि उसने श्रद्धा से अपने बीमार पिता की सेवा की और उनकी जान बचाने को साइकिल से घर पहुंचने का निर्णय लिया। इसमें वे सफल भी हो गई उसे उसके सच्ची सेवा और साहसिक कर्म का इनाम मिला है। उसने कहा कि बच्चों को अपने माता-पिता की सेवा श्रद्धा भाव से करनी चाहिए। वही पिता मोहन पासवान की आंखों सी खुशी के आंसू झलक पड़े। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी के स्वभाव और उसकी पितृभक्ति के साथ ही उसके साहसिक निर्णय से ही उन्हें व उनके परिवार और ज्योति को देश में सम्मान मिला है। बेटी से ही उनकी किस्मत चमकी है। प्रधानमंत्री जी से बात करने का अवसर और सौभाग्य प्राप्त हुआ। बेटी अगर ऐसा नहीं करती तो सपने में भी उसने नहीं सोचा था कि प्रधानमंत्री जी से बात कर पाते हैं।

By Biharkhabre Team

मेरा नाम शाईना है। मैं बिहार के भागलपुर कि रहने बाली हूं। मैंने भागलपुर से MBA की पढ़ाई कंप्लीट की हूं। मैं Reliance में कुछ समय काम करने के बाद मैंने अपना खुद का एक ब्लॉग बनाया। जिसका नाम बिहार खबरें हैं, और इस पर मैंने देश-दुनिया से जुड़े अलग-अलग विषय में लिखना शुरू किया। मैं प्रतिदिन देश दुनिया से जुड़े अलग-अलग जानकारी अपने Blog पर Publish करती हूं। मुझे देश दुनिया के बारे में नई नई जानकारी लिखना पसंद है।

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