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बिहार: कटिहार जिले से पटना के मनीष एवं पूर्णिया के मंरगा के रहने वाले संतोष को फर्जी अस्थाई पते पर लाइसेंस निर्गत किया गया है। इन दोनों आवेदकों ने ऑफिसर कॉलोनी के एक चिकित्सक के पते का उल्लेख अपने फर्जी अस्थाई पते में किया था। जबकि जिस चिकित्सक के पते का उल्लेख किया गया था। उसने इन आवेदकों को पहचानने कभी अपने घर में रहने एवं जानने से पूरी तरह से इनकार किया। फर्जी आवास प्रमाण पत्र पर आर्म्स का लाइसेंस लेने के मामले को लेकर थाना अध्यक्ष राजेश कुमार को बुधवार को एसपी विकास कुमार ने लाइन हाजिर कर दिया गया। एसपी ने यह कार्रवाई पूर्णिया प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुरेश कुमार चौधरी के आदेश पर की।

फर्जी पते पर आर्म्स लाइसेंस

सहायक थाना क्षेत्र के ऑफिसर्स कॉलोनी निवासी डॉ संतोष कुमार ने पुलिस महानिरीक्षक और एसपी कटिहार को एक आवेदन देकर फर्जी आवासीय पते पर पूर्णिया के लोगों को आर्म्स लाइसेंस दिलवाने में मदद करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने से संबंधित आवेदन दिया था। इस पर आईजी के आदेश पर एसपी ने मनिहारी एसडीपीओ को मामले की जांच सौंपी। पुलिस विभाग को शक है कि डीएसपी की जांच को सहायक थानाध्यक्ष राजेश कुमार प्रभावित कर सकते थे। इस कारण उनको तत्काल प्रभाव से एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया गया।

फर्जी पते पर आर्म्स लाइसेंस

फर्जी पते पर आर्म्स लाइसेंस इशू यह इकलौता मामला नहीं

कटिहार के ऑफिसर कॉलोनी के जिस चिकित्सक के पते पर दो हथियारों के लाइसेंस पाने का मामला कोई इकलौता मामला नहीं है। यहां से निर्गत बड़ी संख्या में हथियारों के लाइसेंस पाने में फर्जी अस्थाई पता का खेल खेला गया है। कटिहार से हथियार पाने के लिए कई लोगों ने कटिहार के कई इलाके के पता का उल्लेख कर थाने में सत्यापन के लिए आवेदन किया, और पुलिस ने भी आंख मूंद के इस पर अपनी मुहर लगा दी। कटिहार से दूसरे जिले के जितने आवेदकों को हथियार का लाइसेंस निर्गत किया गया है। इसमें से 98 फ़ीसदी लोग का अस्थाई पता कटिहार के सहायक थाना एवं 40 फीसद पते नगर थाना क्षेत्र से सत्यापित किए गए हैं।

इस संबंध में एसपी विकास कुमार ने कहा कि मामला दूसरे के आवास को अपना आवास बताकर आमर्स का लाइसेंस लेने से संबंधित है। कटिहार से हथियारों के लाइसेंस निर्गत कराने में दलाल का बड़ा खेल रहा है। लाइसेंस दिलाने के काम में कटिहार में आधे दर्जन दलाल सक्रिय हैं। जिनके द्वारा आवेदक को सिर्फ पांच से छह लाख की वसूली कर हथियारों का लाइसेंस निर्गत कराए गए।

इन दलालों के द्वारा ही हथियार के के लिए आवेदन जमा करने से लेकर थाने से लेकर हर कार्यालय में सत्यापन कराने का जिम्मा था। कटिहार में फर्जी अस्थायी पते का बिना सत्यापन कराए पास करने के नाम पर एक आवेदन कर्त्ता से 50 से 60 हजार की वसूली की गई। मनिहारी एसडीपीओ इसकी जांच कर रहे हैं। अभी इस मामले में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। जांच कार्य प्रभावित ना हो इसलिए सहायक थानाध्यक्ष राजेश कुमार को लाइन हाजिर किया गया।

 

By Biharkhabre Team

मेरा नाम शाईना है। मैं बिहार के भागलपुर कि रहने बाली हूं। मैंने भागलपुर से MBA की पढ़ाई कंप्लीट की हूं। मैं Reliance में कुछ समय काम करने के बाद मैंने अपना खुद का एक ब्लॉग बनाया। जिसका नाम बिहार खबरें हैं, और इस पर मैंने देश-दुनिया से जुड़े अलग-अलग विषय में लिखना शुरू किया। मैं प्रतिदिन देश दुनिया से जुड़े अलग-अलग जानकारी अपने Blog पर Publish करती हूं। मुझे देश दुनिया के बारे में नई नई जानकारी लिखना पसंद है।

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