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नीतीश कुमार का नया फरमान प्रदर्शन करने वाले से बिहार अब सख्ती से निपटेगी। इसके लिए नए सिरे से नोटिफिकेशन जारी किया गया है। जिसमें साफ-साफ लिखा है कि अगर आप प्रदर्शन करते पकड़े जाते हैं तो आपके आचरण प्रमाण पत्र पर इसका असर दिखेगा। इसका 100 फ़ीसदी पालन हो यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी थानाध्यक्षों  की होगी। सोशल मीडिया पर नितेश कुमार ने तुगलकी फरमान जारी किया सरकार की तरफ से जारी आदेश में सड़क जाम करने वाले विरोध करने वाले लोगों को सरकारी नौकरी और सरकारी ठेके नहीं दिए जाएंगे

नीतीश कुमार का नया फरमान

नीतीश कुमार का नया फरमान डीजीपी ने आदेश पत्र जारी किया

पुलिस महानिदेशक के डीजीपी एसके सिंघल की ओर से जारी किए गए इस फरमान में कहा गया है कि सरकारी ठीका, सरकारी नौकरी, हथियार का लाइसेंस और पासपोर्ट के लिए पुलिस सत्यापन प्रतिवेदन लेना आवश्यक है। इस पत्र में डीजीपी एसके सिंघल ने कहा कि यदि कोई राज्य में प्रदर्शन के दौरान आपराधिक घटना को अंजाम देता है, और ऐसे करने के लिए अगर पुलिस द्वारा उसे चार्ज शीट किया जाता है तो इसके बारे में संबंधित व्यक्ति के चरित्र सत्यापन प्रतिवेदन में इस बात का जिक्र नहीं होना चाहिए।

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विदित हो कि पटना में इंडिगो एयरलाइंस के एयरपोर्ट मैनेजर की हत्या में ठेकेदारी विवाद की बात सामने आने के बाद सरकारी ठीके में चरित्र सत्यापन पर बल दिया गया था। इसके बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया कि सरकारी ठेके में चरित्र सत्यापन जरूरी होगा। उक्त बैठक में डीजीपी भी शामिल हुए थे इसके बाद अब पुलिस मुख्यालय ने यह आदेश जारी किया है।

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तेजस्वी यादव ने निशाना साधा

दूसरी ओर राजद नेता और बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार के इस आदेश के खिलाफ सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधा। तेजस्वी ने कहा “मुसोलिनी और हिटलर को चुनौती दे रहे हैं। नीतीश कुमार कहते हैं अगर किसी ने सत्ता व्यवस्था के विरुद्ध धरना प्रदर्शन कर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग किया तो आपको नौकरी नहीं मिलेगी। मतलब नौकरी भी नहीं देंगे और विरोध भी प्रकट नहीं करने देंगे बेचारे 40 सीट के मुख्यमंत्री कितने डर रहे हैं ।

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देश के राइट टू फ्रीडम के अधिकार का क्या होगा

पुलिस मुख्यालय के इस लेटर में और बेहद कड़े शब्दावली का इस्तेमाल किया गया है। ऐसा लग रहा है कि धरना प्रदर्शन करने वाले लोग दूसरे ग्रह से आए हुए लोग हैं। जबकि धरना प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार है। विचारों की अभिव्यक्ति के तहत देश के हर नागरिक को अधिकार मिला है। कानून के दायरे में शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन की इजाजत है। “राइट टू फ्रीडम” का अधिकार मिला हुआ है। इसमें विचार अभिव्यक्ति के अधिकार शामिल हैं। इसके तहत कोई भी शख्स कानून के दायरे में धरना प्रदर्शन या फिर भाषण आदि दे सकता है। अनुच्छेद-19 के तहत हर नागरिक को विचार और अभिव्यक्ति का अधिकार मिला हुआ है।मगर बिहार की सरकार राइट टू फ्रीडम की गला घोंटने पर लगी हुई है।

 

 

By Biharkhabre Team

मेरा नाम शाईना है। मैं बिहार के भागलपुर कि रहने बाली हूं। मैंने भागलपुर से MBA की पढ़ाई कंप्लीट की हूं। मैं Reliance में कुछ समय काम करने के बाद मैंने अपना खुद का एक ब्लॉग बनाया। जिसका नाम बिहार खबरें हैं, और इस पर मैंने देश-दुनिया से जुड़े अलग-अलग विषय में लिखना शुरू किया। मैं प्रतिदिन देश दुनिया से जुड़े अलग-अलग जानकारी अपने Blog पर Publish करती हूं। मुझे देश दुनिया के बारे में नई नई जानकारी लिखना पसंद है।

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